13/06/2026
मंज़िल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है,पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।हवाओं के भरोसे मत उड़, चट्टानें तूफानों का भी रुख मोड़ देती हैं,अपने पंखों पर भरोसा रख, हवाओं के भरोसे तो पतंगे उड़ा करती हैं।लग चुकी है तलब जीत की, अब खुद को आग में झोंक देंगे,ठोकरें कहती हैं मारा जाएगा, हौसले कहते हैं देख लेंगे!