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03/06/2022
 #खुशखबरी अल्हम्दुलिल्लाह उर्से अज़हरी की तैयारियां शुरू जामिआतुर रज़ा में जोरो शोरो से अल्लाह करीम अपने महबूब बन्दों के स...
02/06/2022

#खुशखबरी
अल्हम्दुलिल्लाह उर्से अज़हरी की तैयारियां शुरू जामिआतुर रज़ा में जोरो शोरो से अल्लाह करीम अपने महबूब बन्दों के साथ हमेशा रहता है और उनके खिलाफ खड़े हुवे मुशरिकों से जंग खुद कर करता है !

#4उर्से_अज़हरी_कमिंग_सून 💖💖💐💐

भाजपा प्रवक्ता नूपुर द्वारा लाइव डिबेट में पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद ﷺ पर अभद्र टिप्पणी करने के खिलाफ  #रज़ा_एकेडमी_मुंबई ने ...
02/06/2022

भाजपा प्रवक्ता नूपुर द्वारा लाइव डिबेट में पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद ﷺ पर अभद्र टिप्पणी करने के खिलाफ
#रज़ा_एकेडमी_मुंबई ने एफआईआर दर्ज करवाई है।

पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद ﷺ पर हमारा सबकुछ कुर्बान है,
आपकी शान में गुस्ताखी ना काबिले बर्दाश्त है।


#صلى الله عليه وسلم

01/06/2022
31/05/2022

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सुन्नी_मुसलमानों_होश_में_आओएक दम सिंपल तरीके से समझाता हु , पोस्ट को गौर से पढ़ना !⭐आज कुछ लोग कहते है हम सब मुसलमान है ए...
30/05/2022

सुन्नी_मुसलमानों_होश_में_आओ

एक दम सिंपल तरीके से समझाता हु , पोस्ट को गौर से पढ़ना !

⭐आज कुछ लोग कहते है हम सब मुसलमान है एक दूसरे को बुरा ना कहो , सब अल्लाह को मानने वाले है , सब नमाज़ , कलमा पढ़ने वाले है ! मैं पूछता हूं कि सब नमाज़ , कलमा पढ़ने वाले है अल्लाह को अल्लाह कहने वाले है , तो हुजूर की उस हदीस का क्या मतलब है जिसमे सरकार ने फरमाया की ..........

🌴हदीस :- ""बनी इस्राइल में 72 फिरके हुए मेरी उम्मत में 73 फिरके होंगे उसमे से 72 जहन्नमी होंगे और सिर्फ 1 ही फिरका जन्नत में जायेगा ""

📚( हवाला : मिश्कात शरीफ : जिल्द न 1 , सफा न 52 / तिमिर्जी शरीफ , जिल्द न 2 , सफा न 89 )

अब जो लोग कहते है हम सब मुसलमान है हमको एक होकर रहना है , वो लोग इस हदीस का जवाब दे ? क्या दो तलवारे एक म्यान में रह सकती है ? क्या हक़ और बातिल एक हो सकते है ?? अरे नादानों नमाज़ पढ़ने का नाम इस्लाम नही है , अगर तुमलोगो ने नमाज़ और कलमा पढ़ने को इस्लाम जाना है तो यज़ीद भी नमाज़ पढता था ! वो भी कलमा पढता था , वो भी अल्लाह को अल्लाह और रसूल को रसूल कहता था , अगर आप के हिसाब से चले तो कर्बला की जंग ही नही होती ! इस्लाम हक़ और बातिल का फर्क बताता है , इस्लाम हक्कानियत की पहचान है !

आईये अब फिरको की हिस्ट्री देखते है ..........

जो लोग हम सुन्नी बरेलवियों को मुशरिक , कबर पुजवा इत्यादि कहते है वो लोग अपने फिरके की पैदाइश बता दे ?? हम अहले सुन्नत व जमात 1400 सालो से चलते आ रहे है , जब देवबंदियों ने भी खुद को सुन्नी हनफ़ी , अहले सुन्नत वल जमात कहना शुरू किया तो असली सुन्नियो की पहचान के लिए हमको उसमे तब्दीली करनी पड़ी और उसका नाम मसलके आला हजरत रख दिया ! ये कोई नया मसलक नही है बल्कि ये वही इमाम अबू हनीफा का हनफ़ी मसलक है ! कोई अपने बाप की हलाली औलाद है तो साबित करे कि आला हजरत का अक़ीदा इमाम अबु हनीफा के अक़ीदे से हट के है , गौसो , ख्वाजा के अक़ीदे से हट के है या अलग है !

अँगरेज़ विक्टोरियन की औलाद वहाबी , देवबन्दी , अहले हदीस सिर्फ अपनी पैदाइश बता दे , जाहिल गुस्ताखो 1857 से पहले जितने भी लोग इस दुनिया से रुक्सत हुए क्या वो सब मुशरिक थे ?? ( माजल्लाह ) अरे वहाबी देवबंदियों , तब्लीगीयो जब इमरजेंसी का दौर था नसबंदी का फैसला लिया गया उस वक़्त देवबन्दी उलमाओ ने नसबंदी को जायज़ कहा ! जब बरेली के ताजदार मुफ्तिये आज़म हिन्द ने नसबंदी को हराम कहा उसपर हराम का फतवा दिया , तब जाकर तुम जैसे हरामी पैदा हुए... नही तो तुम्हारे उलमा ने तो नसबंदी जायज़ है कहा था ! सालो ऐहसान फ़रामोशो तुम लोगो की ज़िंदगी भी बरेलवी उलेमाओ की दी हुई भीख है !

वहाबी , देवबन्दी , तब्लीगी , अहले हदीस इत्यादि फिरके नए बने हुए है जिनकी पैदाइश 150 से 160 सालो में हुए है ! फिरके बनाये तुम लोगो ने और फिरका परस्ती का लेबल हमपर लगाते हो मक्कारो ?? अपनी असल का पता नही और दूसरों में ऐब ढूंढते हो !

अब मुझे बताओ जाहिलो तुमसे 1200 साल पहले जितने भी लोग आये क्या वो जन्नती नही है ? क्या वो लोग भी शिर्क और बिदअत करते थे ?

तुमलोगो के पैदा होने से पहले जन्नत के दरवाज़े बंद थे क्या ? तुमलोगो के पैदा होने से पहले कोई जन्नती नही था क्या ? अरे जाहिलो तुम लोग सुन्नी बरेलवियों को नही अहले सुन्नत वल जमात पे ऐतराज़ कर रहे हो , नबी , सहाबा , ताबेईन , तबेताबेईन , सिद्दीकीन , शोहदा , सालेहीन , सरकार ए गौसे आज़म , ख्वाजा गरीब नवाज , हजरत निजामुदीन , हजरत अशरफ सिमनानी , बाबा फरीद , वारिस ए पाक , साबिर पिया , मीरा दाता , हाजी अली , इन सब की जमात पर ऐतराज़ कर रहे हो !

( अपने फिरको की हिस्ट्री देखो जाहिलो एक से बढ़कर एक गुस्ताखी भरी इबारतें लिखी है तुमलोगो के उलेमाओ ने पता नही तो मुजसे पूछो )

नबी ए पाक की हदीस:
"🌴 हुजूर ने फ़रमाया की मुझे अल्लाह की कसम मुझे मेरे बाद तुम्हारे शिर्क में मुबतला होने का कोई खौफ नही है "( उम्मत शिर्क नही कर सकती )

📚( हवाला : सही बुखारी )

जब नबी कह रहे है कि मेरी उम्मत शिर्क नही कर सकती तो फिर तुम लोग दीन के ठेकेदार क्यों बन रहे हो ? हम नबी की माने या तुम जाहिलो गुस्ताख लोगो की माने ?

🌴ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाहि दाता अली हजवेरी की मज़ार पर जाते है , वहाँ चिल्ला करते है , ये कौन गरीब नवाज है ? ये वही गरीब नवाज है जिन्होंने 90 लाख हिंदुओं को मुसलमान बनाये , और तुमलोग शिर्क और बिदअत के नाम पर मुसलमानों को काफिर बनाते हो ! अरे जाहिलो.. जो क़ब्रो पर जाने वाले 90 लाख लोगो को कलमा पढ़ाते है , और तुम क़ब्रो के मुनकिऱो तुम्हारे अकाबिरिन ने कितनो को कलमा पढ़ाया बताओ ?

तुम तो मुसलमानों को मुशरिक कहते हो, वो तो मुशरिक को मुसलमान बनाते थे !

29/05/2022

De kar khuda ko jaan ki Kiamat kharid li
Naat by ASAD IQBAAL kalakattavi.....

Aap pr Daulat Barasegi
28/05/2022

Aap pr Daulat Barasegi

28/05/2022

जब नबी पाक रब से मुलाक़ात करने आसमानों पर गए।
Bayan by m***i Hammad Raza muradabadi
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