30/04/2026
आराम की दुनिया छोड़कर, जो काँटों पर चलते हैं,
वक्त की धूप में जलकर ही, वो सूरज से चमकते हैं।
किताबों के पन्नों में ही दबी है तेरी जीत की कहानी,
पसीने की स्याही से ही, खुशनसीबों के मुकद्दर बदलते हैं!!