01/11/2022
है ज़िन्दगी माना दर्द भरी
फिर भी इसमें ये राहत भी है
मैं हूँ तेरा और तू है मेरी
यूंही रहे हम, ये चाहत भी है
फिर दिल के दिल से, पुल क्यों टूटे हैं
क्यों हम जीने से इतने रूठे हैं
आ दिल के दरवाज़े हम खोले
हो आ हम दोनों जी भर के रो ले
जी ले ज़रा … जी ले ज़रा …