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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा शिवहर का मुक्ति धाम!शिवहर जिले के देकुली धाम में डूबा पुल के पास बन रहे मुक्ति धाम की यह तस्वीरे...
18/08/2026

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा शिवहर का मुक्ति धाम!

शिवहर जिले के देकुली धाम में डूबा पुल के पास बन रहे मुक्ति धाम की यह तस्वीरें विकास के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार की पोल खोलती हैं। जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपए से बनने वाला यह प्रोजेक्ट आज खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। घटिया निर्माण सामग्री और लापरवाही के कारण यह आज ही ढहने लगा है।

खबरों के मुताबिक, इस मुक्ति धाम का निर्माण लगभग 2 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा था। लेकिन काम की गुणवत्ता देखकर लगता है कि यह सारा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। यह केवल सरकारी पैसे की बर्बादी नहीं, बल्कि देकुली धाम की पवित्रता और जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ है।

हम जिला प्रशासन और सरकार से मांग करते हैं कि इस निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। जब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही नहीं होगी, तब तक ऐसे ही जनता का पैसा बर्बाद होता रहेगा।










जिला प्रशासन की बड़ी पहल: संभावित बाढ़ और सुखाड़ 2026 को लेकर डीएम प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठकशिवहर जिले ...
17/08/2026

जिला प्रशासन की बड़ी पहल: संभावित बाढ़ और सुखाड़ 2026 को लेकर डीएम प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक

शिवहर जिले को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिला पदाधिकारी (डीएम) श्रीमती प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में 'संभावित बाढ़ पूर्व तैयारी 2026' को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।

बैठक के प्रमुख फैसले और विस्तृत दिशा-निर्देश:

राहत सामग्री का स्टॉक: तत्काल राहत सुनिश्चित करने के लिए सभी अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया गया है कि वे आवश्यकतानुसार पॉलीथीन शीट्स और लाइफ जैकेट की अधियाचना (मांग) कर पर्याप्त स्टॉक समय से प्राप्त कर लें।

आकस्मिक फसल योजना: जिला कृषि अधिकारी को बाढ़ और सुखाड़ की आशंका को देखते हुए मजबूत 'आकस्मिक फसल योजना' तैयार रखने को कहा गया है। साथ ही, किसानों को धान के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।

तटबंधों की कड़ा निगरानी: बागमती प्रमंडल (शिवहर/सीतामढ़ी) के अधिकारियों को तटबंधों की निरंतर और कड़ी निगरानी करने तथा आवश्यकतानुसार मरम्मत का कार्य अविलंब पूरा करने का आदेश दिया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह अलर्ट: सिविल सर्जन को जिला व प्रखंड स्तर के सभी अस्पतालों में बाढ़ जनित बीमारियों की दवाओं और विशेष रूप से सर्पदंश (एंटी-स्नेक वेनम) की दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कृष्ण कुमार यादव, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, शिवहर सिविल सर्जन, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सुश्री श्वेता सुमन, कार्यपालक अभियंता (बागमती प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, विद्युत), जिले के सभी अंचलाधिकारी (CO) एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) उपस्थित रहे।

शिवहर में सावन की तीसरी सोमवारी: 'बोल बम' और 'हर हर महादेव' के जयकारों से गूंजे शिवालयशिवहर: सावन की तीसरी सोमवारी के पा...
17/08/2026

शिवहर में सावन की तीसरी सोमवारी: 'बोल बम' और 'हर हर महादेव' के जयकारों से गूंजे शिवालय

शिवहर: सावन की तीसरी सोमवारी के पावन अवसर पर आज शिवहर जिले के सभी शिवालय 'बोल बम' और 'हर हर महादेव' के जयकारों से भक्तिमय हो उठे हैं। तड़के सुबह से ही भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है।

मुख्य आकर्षण और व्यवस्थाएं:

देकुली धाम में रात 3 बजे खुले पट: ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल बागमती नदी के तट पर स्थित बाबा भुवनेश्वर नाथ धाम (देकुली धाम) में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रात 3 बजे ही मंदिर के पट खोल दिए गए।

दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु: स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल से भी लाखों की संख्या में भक्त पहुंचे हैं।

कड़ा सुरक्षा पहरा: डीएम प्रतिभा रानी और एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह के निर्देशानुसार दंडाधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की गई है। महिला सुरक्षा के लिए विशेष महिला पुलिस बल तैनात है।

सुगम जलाभिषेक: भीड़ को नियंत्रित करने और सुविधा के लिए महिला व पुरुष श्रद्धालुओं की अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं तथा अरघा के माध्यम से जलाभिषेक कराया जा रहा है।

अन्य शिवालयों में भी धूम: रसीदपुर गौरीशंकर मठ, रानी पोखर शिवालय, कुशहर मठ, अनुमंडल कार्यालय के समीप मनोकामना पूर्ण मंदिर, पिपराही मठ और आसोपुर मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा हुआ है।

धार्मिक व पर्यटन महत्व:
देकुली धाम का स्वयंभू शिवलिंग अत्यंत फलदायी माना जाता है। बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा कराए गए सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों से यह धाम अब एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।

नाग पंचमी पर शिवहर के बिषहर स्थान पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पारंपरिक विधि-विधान से हुई नाग देवता की पूजाशिवहर: सावन ...
17/08/2026

नाग पंचमी पर शिवहर के बिषहर स्थान पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पारंपरिक विधि-विधान से हुई नाग देवता की पूजा

शिवहर: सावन मास के पवित्र अवसर पर आज पूरे क्षेत्र में नाग पंचमी (लगपांचे) का त्यौहार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। शिवहर शहर के फतेहपुर रोड स्थित ऐतिहासिक बिषहर महारानी स्थान पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। भक्तों ने नाग देवता और भगवान शिव का जलाभिषेक कर दूध तथा धान का लावा अर्पित किया।

मिथिलांचल और बिहार के पारंपरिक लोक पर्व 'लगपांचे' के अवसर पर आज ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अनूठी लोक परंपराएं देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने अपने घरों के मुख्य द्वारों पर नीम की टहनियां खोंसी तथा चौखटों पर गोबर और मिट्टी का लेप लगाकर नाग देवता के प्रतीक बनाए।

घरों में दूध-लावा का छिड़काव कर सुख-समृद्धि की कामना की गई और खीर-पूरी जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए गए। सावन की सोमवारी के शुभ संयोग के कारण मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

यह गाथा है उस मिट्टी के लाल की, जिसकी रगों में बहते देशप्रेम के आगे अंग्रेजों का विशाल साम्राज्य भी कांप उठा था। बात है ...
15/08/2026

यह गाथा है उस मिट्टी के लाल की, जिसकी रगों में बहते देशप्रेम के आगे अंग्रेजों का विशाल साम्राज्य भी कांप उठा था। बात है बिहार के तिरहुत-मिथिलांचल क्षेत्र की, जहाँ शिवहर-सीतामढ़ी की सरहद से सटी रघुनाथपुर ड्योढ़ी में 16 जनवरी 1906 को एक बालक ने जन्म लिया। पिता राजेंद्र प्रसाद मिश्र इलाके के नामी जमींदार थे। बालक का नाम रखा गया—रामनंदन मिश्र।

घर में धन-दौलत की कोई कमी न थी। काशी राजघराने तक में रिश्तेदारी थी। रामनंदन चाहते तो ऐशो-आराम की जिंदगी जीते, अंग्रेजों की बैरिस्ट्री की पढ़ाई करने लंदन चले जाते और जीवन भर सुख-सुविधाओं में गोते लगाते। लेकिन विधाता ने तो उनकी नियति में इतिहास के पन्नों पर अपनी शहादत और बहादुरी की अमर इबारत लिखना तय किया था।

जब जमींदार के बेटे ने क्रांति का रास्ता चुना
बात उन दिनों की है जब रामनंदन अपनी उच्च शिक्षा के लिए बनारस में थे। विदेश जाकर बैरिस्ट्री पढ़ने की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। उसी दौरान उनकी मुलाकात महात्मा गांधी से हुई। गांधीजी के एक ही सवाल ने 19 साल के रामनंदन के मन को भीतर तक झकझोर दिया—"क्या तुम्हारा देश विदेश में बैठकर आजाद होगा?"

उसी क्षण रामनंदन ने विदेश जाने का इरादा हमेशा के लिए त्याग दिया। उन्होंने जमींदारी के रेशमी वस्त्र उतार फेंके और कंधे पर खादी का थान लादकर गांव-गांव घूमना शुरू कर दिया।

1926 में उन्होंने अपने ही घर में पर्दा-प्रथा, जातिवाद और जमींदारी शोषण के खिलाफ बगावत कर दी। पिता का विरोध झेलते हुए वे अपनी पत्नी राजकिशोरी देवी के साथ एक छोटी सी झोपड़ी में रहने लगे। जब अंग्रेजी हुकूमत ने गरीबों और किसानों का खून चूसना शुरू किया, तो रामनंदन मिश्र ने 1934 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण (JP) और रामवृक्ष बेनीपुरी के साथ मिलकर 'बिहार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी' की स्थापना की और किसानों के सबसे बड़े रहनुमा बनकर उभरे।

जब अंग्रेजों के सर का दर्द बन गए रामनंदन
अंग्रेजी हुकूमत के लिए रामनंदन मिश्र एक नाम नहीं, बल्कि खौफ का दूसरा नाम बन चुके थे। वे जहाँ कदम रखते, हजारों-हजार युवा अंग्रेजों का तख्तापलट करने के लिए सिर पर कफन बांध लेते। ब्रिटिश पुलिस प्रशासन उनके नाम से थर-थर कांपता था।

1942 में जब महात्मा गांधी ने 'भारत छोड़ो आंदोलन' का बिगुल फूंका, तो अंग्रेजों ने घबराकर रामनंदन मिश्र, जयप्रकाश नारायण और योगेंद्र शुक्ला जैसे शेर-दिल नेताओं को हजारीबाग सेंट्रल जेल की ऊंची और अभेद्य दीवारों के पीछे बंद कर दिया। अंग्रेजों को लगा कि अब क्रांति शांत हो जाएगी, पर वे गलत थे।

दीपावली की वो ऐतिहासिक और दुस्साहसिक रात
9 नवंबर 1942, दीपावली की पावन रात थी। पूरा देश दीयों की रोशनी में नहाया था और हजारीबाग जेल के संतरी भी जश्न में मशगूल थे।

जेल की 17 फीट ऊंची दीवार के नीचे घने अंधेरे में पंडित रामनंदन मिश्र और उनके साथियों की नजरें उस दीवार को नाप रही थीं। कैदियों की सूती धोतियों को आपस में जोड़कर एक मजबूत रस्सी बनाई गई।

पंडित रामनंदन मिश्र का फौलादी जिगर उस रात देखने लायक था। सबसे पहले वे खुद उस 17 फीट ऊंची दीवार पर चढ़े। अपनी जान की बाजी लगाते हुए ऊपर पहुंचकर उन्होंने एक-एक करके जयप्रकाश नारायण, योगेंद्र शुक्ला और अन्य साथियों को खींचकर दीवार के ऊपर चढ़ाया। फिर सबने छलांग लगाई और जेल के संतरी देखते रह गए! 'हजारीबाग जेल ब्रेक' की यह घटना ब्रिटिश साम्राज्य के मुंह पर बहुत बड़ा तमाचा थी।

'आजाद दस्ता' और अंग्रेजों की नाक में दम
जेल से भागने के बाद पंडित रामनंदन मिश्र रुके नहीं। वे नेपाल के तराई वाले घने जंगलों में चले गए और वहां 'आजाद दस्ता' नाम से एक गुप्त क्रांतिकारी सेना बनाई।

वे रात के सन्नाटे में नेपाल के जंगलों से निकलते, अंग्रेजों की रेल की पटरियां उखाड़ देते, पुलिस थानों पर धावा बोलते और ब्रिटिश खजाने को लूटकर गायब हो जाते। ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें 'जिंदा या मुर्दा' पकड़ने के लिए भारी इनाम की घोषणा कर रखी थी, पर शिवहर का यह सपूत हर बार अंग्रेजों की आंखों में धूल झोंककर निकल जाता।

उन्हें पंजाब में आंदोलन का नेतृत्व करते समय दोबारा गिरफ्तार किया गया, लेकिन अंग्रेजों का कोई भी जुल्म उनकी रूह को तोड़ नहीं सका। अंततः 1946 में वे जेल से रिहा हुए।

आजादी के बाद का महान त्याग
15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ। सत्ता और पदों की रेस शुरू हो गई, लेकिन शिवहर के इस महान विद्रोही ने दिखा दिया कि वे कुर्सी के भूखे नहीं थे। 1952 में उन्होंने राजनीति के तमाम बड़े पदों को ठुकरा दिया और अपना पूरा जीवन अध्यात्म, समाज सेवा और प्रभु जगन्नाथ की भक्ति में लीन कर दिया।

27 अगस्त 1989 को इस महान क्रांतिवीर ने अंतिम सांस ली।

पंडित रामनंदन मिश्र केवल शिवहर या बिहार के ही नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष के उन महान सपूतों में से एक हैं, जिनकी वीरता, त्याग और जज्बे की गाथाएं आने वाली सदियों तक हर हिंदुस्तानी के दिल में देशभक्ति का अलख जगाती रहेंगी।

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस 2026: शिवहर नगर परिषद में सभापति राजन नन्दन सिंह ने फहराया तिरंगा, दिया सामाजिक सौहार्द और विकास का स...
15/08/2026

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस 2026: शिवहर नगर परिषद में सभापति राजन नन्दन सिंह ने फहराया तिरंगा, दिया सामाजिक सौहार्द और विकास का संदेश
शिवहर, 15 अगस्त:
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर नगर परिषद शिवहर में आज़ादी का जश्न पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर नगर परिषद के सभापति राजन नन्दन सिंह ने मुख्य समारोह में पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी।

देश की एकता और सामाजिक सौहार्द का संकल्प
झंडोत्तोलन के उपरांत उपस्थित अपार जनसमूह को संबोधित करते हुए नगर सभापति ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को और मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने सभी नगरवासियों से मिलकर समाज को सशक्त बनाने और आज़ादी के मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प लेने की अपील की।

नगर परिषद के विकास कार्यों का लेखा-जोखा
स्वाधीनता पर्व के इस मंच से सभापति राजन नन्दन सिंह ने नगर परिषद शिवहर द्वारा चलाए जा रहे जनहित और विकास कार्यों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि नगर क्षेत्र में हर योजना पर 100% ईमानदारी से काम हो रहा है:

सड़क निर्माण: प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय रोड का निर्माण कार्य प्राथमिकता के साथ तेज़ी से पूरा किया जा रहा है।

बुनियादी ढांचा: शहर के विभिन्न वार्डों में गली और नाली का निर्माण कार्य मजबूती से जारी है।

हर घर नल-जल: शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नल-जल योजना को गति दी गई है।

स्वच्छता अभियान: नगर की साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए 24 घंटे मुस्तैदी से कार्य किया जा रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति
ध्वजारोहण समारोह में जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी और जन प्रतिनिधि गरिमामय उपस्थिति में शामिल हुए:

जिला पदाधिकारी (DM) प्रतिभा रानी

पुलिस अधीक्षक (SP) शैलेंद्र कुमार सिंह

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) मनीष कुमार

नगर उपसभापति सुनील कुमार गुप्ता

सभी वार्ड पार्षद, प्रशासनिक पदाधिकारी एवं शहर के कई गणमान्य नागरिक।

समारोह का समापन राष्ट्रगान, भारत माता की जय के नारों और मिष्ठान वितरण के साथ बेहद उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ।

आन-बान-शान से फहरा तिरंगा: स्वतंत्रता दिवस पर जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने किया ध्वजारोहण
15/08/2026

आन-बान-शान से फहरा तिरंगा: स्वतंत्रता दिवस पर जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने किया ध्वजारोहण

शिवहर में शान से फहरा तिरंगा: 80वें स्वतंत्रता दिवस की भव्य झलकियांआज़ादी के 80वें पावन पर्व के अवसर पर शिवहर ज़िला मुख्...
15/08/2026

शिवहर में शान से फहरा तिरंगा: 80वें स्वतंत्रता दिवस की भव्य झलकियां
आज़ादी के 80वें पावन पर्व के अवसर पर शिवहर ज़िला मुख्यालय में मुख्य समारोह अत्यंत गरिमामयी और देशभक्ति के माहौल में आयोजित किया गया।

समारोह की मुख्य झलकियां:

आन-बान-शान से ध्वजारोहण: ज़िला पदाधिकारी (डीएम) प्रतिभा रानी जी द्वारा विधिवत रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और तिरंगे को सलामी दी गई।

गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति: इस ख़ास मौक़े पर शिवहर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शैलेंद्र सिंह, ज़िले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण और प्रमुख नेतागण मौजूद रहे।

परेड और सलामी: राष्ट्रध्वज की फहरावजी के बाद डीएम प्रतिभा रानी जी एवं तिरंगे को जवानों द्वारा अनुशासित एवं भव्य परेड के साथ सलामी दी गई।

यह पावन अवसर हम सभी ज़िलेवासियों के लिए राष्ट्र निर्माण, एकता और देश के प्रति अपनी निष्ठा को पुन: दोहराने का एक प्रेरणादायक पल रहा।

जय हिंद! जय भारत!

80वें स्वतंत्रता दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं!यह दिन हमारे वीर जवानों और महान स्वतंत्रता सेनानियों के अमर बलिदान...
14/08/2026

80वें स्वतंत्रता दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं!

यह दिन हमारे वीर जवानों और महान स्वतंत्रता सेनानियों के अमर बलिदान को नमन करने का है।

आइए, हम सब मिलकर अपने देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए अपना योगदान देने का संकल्प लें।

जय हिंद! जय भारत!

शिवहर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन: पीड़ितों की याद में निकाला गया कैंडल मार्चशिवहर, 14 अगस्त 2026:देश के वि...
14/08/2026

शिवहर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन: पीड़ितों की याद में निकाला गया कैंडल मार्च
शिवहर, 14 अगस्त 2026:

देश के विभाजन के दौरान विस्थापित हुए लाखों लोगों के संघर्ष, असीम वेदना और उनके बलिदान को नमन करने के उद्देश्य से आज समाहरणालय, शिवहर के संवाद कक्ष में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी द्वारा की गई।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:
श्रद्धांजलि एवं मौन धारण: विभाजन की त्रासदी का शिकार हुए पीड़ितों की स्मृति में जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त (DDC), सिविल सर्जन एवं अन्य अधिकारियों और कर्मियों द्वारा 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

संगोष्ठी का आयोजन: संगोष्ठी के दौरान देश के इतिहास के इस काले अध्याय और विस्थापितों की जिजीविषा पर चर्चा की गई।

कैंडल मार्च: संगोष्ठी के उपरांत समाज में आपसी सौहार्द, शांति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने के उद्देश्य से एक कैंडल मार्च निकाला गया।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य:
इस आयोजन का मुख्य ध्येय समाज में शांति, सामाजिक समरसता, आपसी मेल-मिलाप और राष्ट्रीय अखंडता के मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करना है।

उपस्थिति:
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला स्तरीय सभी वरिष्ठ पदाधिकारी एवं समाहरणालय के तमाम कर्मचारी उपस्थित रहे।

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