15/08/2023
चांद और सूरज बुने है, चांद और सूरज जुदा हैं,
आसमां ज़मीं बुनी है, आसमां ज़मीं जुदा है,
देहली और आंगन बुने हैं, देहली और आंगन जुदा हैं,
कपड़ो पर सिलवट बुनी है, कपड़े और सिलवट जुदा हैं,
रूह पे वादे बुने हैं, दोनो आपस में जुदा हैं,
अपनी आपस कि गरज़ है, ऐसे आप और हम जुदा हैं।
- व्योम
बीते दिनों की गई लखनऊ यात्रा के कुछ अंश।