17/04/2026
हम Panna Tiger Reserve पहुंचे थे एक ही उम्मीद लेकर टाइगर देखने की। wo वो ताज़े-ताज़े बने पैरों के निशानों का पीछा करते हुए, हर मोड़ पर, हर आवाज़ पर लगता था बस अब सामने होगा… लेकिन जंगल, जैसे हमें कुछ सिखा रहा हो।
फिर अचानक नज़र गई एक Langur par jo पेड़ के पास खड़ा था। उसकी लंबी पूंछ हवा में ऐसे मुड़ी थी जैसे कोई सवाल इतनी जल्दी क्या है?
और उसी पेड़ के पीछे से एक छोटा सा लंगूर झांक रहा था… मासूम, जिज्ञासु, जैसे कह रहा हो धीरे चलो, यहां हर पल खास है।
उस पल में कुछ बदल गया।
हमें समझ आया जंगल में सिर्फ टाइगर ही कहानी नहीं होता।
कभी-कभी एक छोटी सी झलक, एक मासूम नज़र… पूरे सफर को यादगार बना देती है।
क्योंकि यहां जो नहीं मिलता…
वही आपको कुछ नया दे जाता है।
❣️