09/06/2026
माँ नंदा देवी राजजात यात्रा, सिरिफ़ एक धार्मिक यात्रा नि, बल्कि गढ़वाल की ध्याणि नंदा की अपने मैत से सौरास जाण की भावुक विदाई छ। जैं अपणु मैत छोड़दां बखत हर ध्याणि की आँख्यूं में आँसू अर मन में अपणु घर-परिवार की याद बसि जांदी, ठीक वैस्ये ही माँ नंदा भी मैत से सौरास की ओर प्रस्थान करदीं। मैत की माटी, माँ-बौज्यूं का आशीष, भुला-भुली का प्यार अर गाँव-गुठ्यार की माया संग लिकर नंदा ध्याणि सौरास जांदीं। ढोल-दमाऊं की थाप, जागरों की गूंज अर “नंदा ध्याणि” की पुकार में पूरा पहाड़ भावुक हो उठदू—यो सिरिफ़ विदाई नि, यो गढ़वाल की आत्मा, संस्कृति अर अपनी ध्याणि नंदा से जुड़ी अटूट माया छ।