03/10/2025
पुराने वक्त में एक बादशाह को शक था कि उसकी बेगम उसकी गैर हाजिरी में इधर उधर मुंह मारती है
इसीलिए बादशाह ने एक लो हार को दरबार में बुलाया और उससे कहा कि बेगम के लिए एक लोहे की चढ्ढी बनाओ उसमें एक मजबूत ताला लगाओ
अगले दिन लो हार ने चढ्ढी बनाकर बादशाह के सामने पेश कर दिया और बादशाह ने वो चढ्ढी अपनी बेगम को पहनाकर ताला लगाकर चाबी अपने पास रख ली
अब जब भी बादशाह का मन करता था वह ताला खोलता था और खुरखार करने लग जाता था, पूरी तरह से लज्जत हासिल करने के बाद बादशाह फिर से लोहे की चढ्ढी का ताला बंद कर देता था
इसके बाद बादशाह दूसरे मुल्क को जीतने के लिए जंग करने चला गया,
बस बादशाह के जाते ही बेग़म ने फटा फट डायटिंग चालू कर दी.... वजन घटाया...
बैकग्राउंड थोड़ा सूख गया.... लोहिया चड्डी आराम से उतर गयी...
बादशाह सलामत जंग के मैदान में..... तो बेग़म रोज किसी न किसी के साथ बेडरूम में पसीना बहाती रहीं...
फ़िर जंग के मैदान से फ़तेह का पैगाम आया तो सब छोड़ बेग़म ने ठूंस ठूंस कर खाया.... मोटी हुईं
चड्डी फ़िर फिट...
तो बात यूँ है कि बेग़म को जब लोहे की चड्डी न बचा पायी...... ये काली तिरपाल क्या वाकई बचा सकती है....
सकीना को #लड्डन_कबाड़ी मिल ही जाते हैं....
झौलवी के पहरे खुराखार रोक नहीं पाते हैं
😄😄😄