07/05/2024
दाहिनी ओर लाफिंग गल (Laughing Gull) एवं बाई ओर भूरी सिर धोमरा (Brown headed Gull)
पक्षियों का व्यवहार पहले से ही एक अबूझ पहेली है लेकिन वर्तमान के जलवायु परिवर्तन एवं मानवीय कृतों ने इसे और भी जटिल बना दिया है।
वैसे हमारे देश में शीतकाल में बहुत सारी प्रवासी पक्षियां हैं जो लम्बी दूरी तय कर यहाँ प्रवास करता है लेकिन इस उत्तर अमेरिकी पक्षी का बिहार पहुंचना किसी विस्मय से कम नहीं है। इससे पहले यह पक्षी पूरे भारतबर्ष में पहली बार इसी साल 29 जनवरी 2024 में केरल के कसारागौड़ जिले में देखा गया था और दूसरी बार 1 मई 2024 को भागलपुर के विक्रमशिला गांगेय डाल्फिन अभ्यारण में हमने इसकी तस्वीर ली एवं इसके गतिविधियों का अध्ययन करने की कोशिश की।
यह एक प्रवासी, मांसभक्षी पक्षी है जो मृत अवशेष के अतिरिक्त मछलियाँ, घोंघे, केकड़े, कीट- पतंगों , चिड़ियों के अंडे तथा उसके बच्चों को खाते हैं।
लाफिंग गल एक मध्यम आकार का खूबसूरत पक्षी है जिसके डायने एवं पैर लंबी तथा चोंच सूर्ख लाल होता है और उड़ते समय और भी सुदंर लगता है।
#बिक्रमशिला_गांगेय_डाल्फिन_अभ्यारण_भागलपु_बिहार
१ मई २०२४