My LIFE my RULES

My LIFE my RULES एक लफ्ज़ उनको सुनाने के लिए, कितने अल्फ़ाज़ लिखे हमने ज़माने के लिए,

30/06/2024

कहो, कब तक साथ निभाओगे
पल भर के लिए मिले हो
या उम्र भर ठहर जाओगे,

24/12/2023
My library 🧡
20/11/2023

My library 🧡

27/02/2023

तुम्हें समझ पाना आसान कहां था
तुमसे दिल लगाना आसान कहां था
मैंने खुद से चुना था कांटो का सफर

फिर आसान कहां था पीछे हटना
कोई वजह होती तो ताउम्र अफसोस रहता

आसान कहां था तुमसे दिल लगाना

21/02/2023

मैं कहता नहीं , लेकिन
तुम्हारे साथ की खुशबू
हर लम्हा
साथ लिए फिरता हूं

15/02/2023



कभी दोनों की पसंद -नापसंद बेमेल हुई,
तो कभी आपके ही रंगों में रंगीन हुए..!
कभी बिना बात के ही बवाल हुआ,
तो कभी बवाल क्यूं हुआ इसी बात पर सवाल हुआ...!
कभी तकरार होने जैसा कुछ हुआ ही नहीं,
तो कभी खुलकर हंसने की वजह ही पता नहीं...!
कभी घूमने जाने को लेकर बहस हुई,
तो कभी एकांत में पल बिताने को दिल राज़ी हुआ...!
कभी खामोशी से घर वीरान हुआ,
तो कभी हँसी - ठहाकों से घर गुलज़ार हुआ...!
कभी बच्चे की परवरिश पर सवाल रहा,
तो कभी नाराज़गी में भी आपका ही ख्याल रहा...!
कभी सोच के बीच टकराव पाया,
तो कभी आपके नज़रिए को ही सही पाया...!
कभी छोटी - छोटी बातों पे ही रूठने लगे,
तो कभी मनाने के लिए बहाने ढूंढने लगे...!
कभी जीवन ही बेरंग लगने लगा,
तो कभी जीवन में रंग भरने लगा...!
जीवन में बहुत उतार - चढ़ाव आए और आते रहेंगे,
और हम यूं ही साथ तूफानों से लड़ते रहेंगे...!
मेरे जीवनसाथी ,
हम ऐसे ही उम्रभर साथ निभाते रहेंगे....!!
❤️

14/02/2023

तेरे ख्याल में रहने की आदतें फिर तुझे अक्स में ढूंढना हूबहू!!
तू बस गई है ज़हनों ख्याल में तू हो जा इस दिल की ये कर रहा है मिन्नतें.!
वो तेरी मुस्कुराहटें के जिसपे आंखों से होंने लगी शरारतें...❤️

11/02/2023

गुजर गया आज का दिन भी यूँ ही बेवजह,
ना मुझे फुर्सत मिली, ना तुझे ख्याल आया.

11/02/2023

“आज “

जो लोग आज में जीते है वहीं लोग सुखी होते हैं. ज्यादातर दुखी लोगो को मैंने कल में जीते देखा है. कल के बारे में सोचकर परेशान होने से अच्छा है कि आज को बेहतर तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ जीना चाहिए. हकीकत में इंसान के जिन्दगी में कभी कल आता ही नहीं है. आता है तो सिर्फ आज......

02/02/2023

मैं क्या लिखूं........

तेरा प्यार लिखूं,
या तुझे देख के जो होता है,
वो दिल बेक़रार लिखूं।
तू ही बता न यार,
मैं क्या लिखूं?

जज़्बात लिखूं,
या दिल के हलात लिखूं।
या अपनी अधूरी कहानी की ही,
कोई बात लिखूं।
तू ही बता न यार,
मैं क्या लिखूं?

होती थी जो हमारे बीच,
वो तकरार लिखूं।
या जो मिलते है हमारे बीच,
वो विचार लिखूं।
तू ही बता न यार,
मैं क्या लिखूं?

या कोई अपनी ही मजबूरी
कि बात लिखूं।

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