Adarsh tv आदर्श टीवी

Adarsh tv आदर्श टीवी Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Adarsh tv आदर्श टीवी, Photography Videography, Ghansali.

18/07/2026

जय मां ज्वालामुखी

02/06/2026

आदर्श टी वी ओर भट्ट फोटो स्टूडियो बिनाकखाल टिहरी गढ़वाल जय मां ज्वाला मुखी जय श्री नार्शिंग नारायन भगवान मद्महेश्वर मंदिर यात्रा 29 मई 2026उत्तराखंड के गढ़वाल के बिनकखाल से घनसाली होते हुए हिमालय में रुद्रप्रयाग जिले के गौंदर गांव में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है。यह भगवान शिव को समर्पित पंच केदारों में से द्वितीय केदार है समुद्र तल से लगभग ३,४९७ मीटर (११,४७३ फीट)。पूजन का स्वरूप: यहाँ भगवान शिव के नाभि (पेट) भाग की पूजा की जाती है。पौराणिक महत्व: महाभारत युद्ध के बाद पाप प्रायश्चित के लिए पांडवों द्वारा इस मंदिर का निर्माण माना जाता है。कपाट स्थिति: हर साल सर्दियों में कपाट बंद होने के बाद, डोली उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में लाई जाती है। कपाट आम तौर पर मई में खोले जाते हैं。 आदर्श टीवी द्वारा जानकारी ट्रेकिंग और मार्ग मंदिर तक पहुंचने के लिए कोई सीधा मोटर मार्ग नहीं है:बेस कैंप: उखीमठ के पास स्थित रांसी गाँव को यात्रा का मुख्य बेस कैंप माना जाता है。दूरी: रांसी (या गोंडार गांव) से मंदिर तक लगभग १६ से १८ किलोमीटर का कठिन पैदल ट्रैक तय करना पड़ता है。प्राकृतिक सौंदर्य: यह ट्रैक घने जंगलों, नदियों और बुग्यालों से होकर गुजरता है,जहाँ से चौखंबा पर्वतमाला का भव्य दृश्य दिखाई देता है。

मद्महेश्वर मंदिर (मदमहेश्वर)  यात्रा 29 मई 2026उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में रुद्रप्रयाग जिले के गौंदर गांव में स्थित ए...
02/06/2026

मद्महेश्वर मंदिर (मदमहेश्वर) यात्रा 29 मई 2026उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में रुद्रप्रयाग जिले के गौंदर गांव में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है。यह भगवान शिव को समर्पित पंच केदारों में से द्वितीय केदार है समुद्र तल से लगभग ३,४९७ मीटर (११,४७३ फीट)。पूजन का स्वरूप: यहाँ भगवान शिव के नाभि (पेट) भाग की पूजा की जाती है。पौराणिक महत्व: महाभारत युद्ध के बाद पाप प्रायश्चित के लिए पांडवों द्वारा इस मंदिर का निर्माण माना जाता है。कपाट स्थिति: हर साल सर्दियों में कपाट बंद होने के बाद, डोली उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में लाई जाती है। कपाट आम तौर पर मई में खोले जाते हैं。 आदर्श टीवी द्वारा जानकारी ट्रेकिंग और मार्ग मंदिर तक पहुंचने के लिए कोई सीधा मोटर मार्ग नहीं है:बेस कैंप: उखीमठ के पास स्थित रांसी गाँव को यात्रा का मुख्य बेस कैंप माना जाता है。दूरी: रांसी (या गोंडार गांव) से मंदिर तक लगभग १६ से १८ किलोमीटर का कठिन पैदल ट्रैक तय करना पड़ता है。प्राकृतिक सौंदर्य: यह ट्रैक घने जंगलों, नदियों और बुग्यालों से होकर गुजरता है,जहाँ से चौखंबा पर्वतमाला का भव्य दृश्य दिखाई देता है。

20/05/2026

शर्मा परिवार ग्राम पंचायत कुंडियाली बिनकखाल द्वारा गंगोत्री धाम यात्रा ग्राम पंचायत कुंडियाली बिनकखाल 15/16 अप्रैल 2026 को बोल्या चंदनी नाग वा श्री नरसिंह नारायण देवता श्री नरसिंह देवता उपासक वा समस्त ग्राम देवता कि यात्रा शर्मा परिवार द्वारा टिहरी गढ़वाल और उसके आस-पास के ग्रामीण अंचलों में इनके छोटे-बड़े कई मंदिर और थान (पूजा स्थल) बने हुए हैं। कई गांवों में इन्हें कुलदेवता या भूमिआ (भूमि के रक्षक) के रूप में पूजा जाता है। हर कुछ वर्षों में क्षेत्र की खुशहाली के लिए इनकी विशेष जात (धार्मिक यात्रा) या पूजा का भव्य आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से प्रवासी लोग अपने गांव लौटते हैं।
​उत्तराखंड की देव संस्कृति में बोल्या चंदनी नाग देवता का स्थान अटूट आस्था और अटूट विश्वास का प्रतीक है बाबा के कुछ परशिद्ध मंत्र

​"ॐ नमो जी बौलिया नागराजाय, सर्व कल्याणी, भूमि का रक्षक।दूध-रोट का भोग सुवीकार करा, आपदा-बिपदा से रक्षा करा।जय बोल्या चंदनी नाग देवता की जय।"

​"उठो-उठो देवा बौलिया राजा, चंदनी नाग नारायण।
बासुकी की बंस, शेषनाग का अवतारी,
टिहरी-गढ़वाल के बिनाखाल कुंडियाली की भूमि मां तुमारो बास।दूध की धारा ले लो, सकलां का कारज सिद्ध करा।"

पार्ट ३* छाया चित्र गंगोत्री धाम यात्रा ग्राम पंचायत कुंडियाली बिनकखाल 15/16 अप्रैल 2026 को बोल्या चंदनी नाग वा श्री नरस...
17/05/2026

पार्ट ३* छाया चित्र गंगोत्री धाम यात्रा ग्राम पंचायत कुंडियाली बिनकखाल 15/16 अप्रैल 2026 को बोल्या चंदनी नाग वा श्री नरसिंह नारायण देवता श्री नरसिंह देवता उपासक वा समस्त ग्राम देवता कि यात्रा शर्मा परिवार द्वारा टिहरी गढ़वाल और उसके आस-पास के ग्रामीण अंचलों में इनके छोटे-बड़े कई मंदिर और थान (पूजा स्थल) बने हुए हैं। कई गांवों में इन्हें कुलदेवता या भूमिआ (भूमि के रक्षक) के रूप में पूजा जाता है। हर कुछ वर्षों में क्षेत्र की खुशहाली के लिए इनकी विशेष जात (धार्मिक यात्रा) या पूजा का भव्य आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से प्रवासी लोग अपने गांव लौटते हैं।
​उत्तराखंड की देव संस्कृति में बोल्या चंदनी नाग देवता का स्थान अटूट आस्था और अटूट विश्वास का प्रतीक है बाबा के कुछ परशिद्ध मंत्र

​"ॐ नमो जी बौलिया नागराजाय, सर्व कल्याणी, भूमि का रक्षक।दूध-रोट का भोग सुवीकार करा, आपदा-बिपदा से रक्षा करा।जय बोल्या चंदनी नाग देवता की जय।"

​"उठो-उठो देवा बौलिया राजा, चंदनी नाग नारायण।
बासुकी की बंस, शेषनाग का अवतारी,
टिहरी-गढ़वाल के बिनाखाल कुंडियाली की भूमि मां तुमारो बास।दूध की धारा ले लो, सकलां का कारज सिद्ध करा।"

2, गंगोत्री धाम यात्रा जय बोल्या राजा ग्राम पंचायत कुंडियाली बिनकखाल से : शर्मा  परिवार द्वारा  बोल्या राजा को भूमिराज औ...
17/05/2026

2, गंगोत्री धाम यात्रा जय बोल्या राजा ग्राम पंचायत कुंडियाली बिनकखाल से : शर्मा परिवार द्वारा बोल्या राजा को भूमिराज और अन्य नाग देवताओं की तरह, चंदनी नाग देवता को भी न्याय का रक्षक माना जाता है। अगर किसी के साथ अन्याय हुआ हो, तो वे देवता के दर पर 'अन्याण' (न्याय की गुहार) लगाते हैं।​कृषि और खुशहाली के रक्षक: स्थानीय ग्रामीण इन्हें अपनी फसलों, मवेशियों और प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा करने वाला रक्षक देवता मानते हैं।​चंदनी नाग देवता की महिमा को उजागर करने के लिए जागर (उत्तराखंड का पारंपरिक लोक गायन, जिसमें देवताओं का आह्वान किया जाता है) का आयोजन किया जाता है।
​जागर के दौरान डौंर-थाली और भंकोरे की थाप पर जब देवता का आह्वान होता है, तो उनके 'पश्वा' (वह व्यक्ति जिस पर देवता अवतरित होते हैं) नाग की तरह थिरकते हैं और लोगों की समस्याओं का समाधान बताते हैं।
​इन्हें दूध, रोट (गेंहू के आटे और गुड़ से बना प्रसाद), और खीर का भोग विशेष रूप से चढ़ाया जाता है।

1= # # #जय बोल्या चंदनी नाग देवता ग्राम पंचायत कुंडियाली बिनकखाल गंगोत्री धाम यात्रा शर्मा  परिवार द्वारा 15/16 अप्रैल 2...
17/05/2026

1= # # #जय बोल्या चंदनी नाग देवता ग्राम पंचायत कुंडियाली बिनकखाल गंगोत्री धाम यात्रा शर्मा परिवार द्वारा 15/16 अप्रैल 2026 बोल्या चंदनी नाग देवता (जिन्हें कुछ क्षेत्रों में 'बौलिया चंदनी नाग' भी कहा जाता है) उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र, विशेषकर टिहरी गढ़वाल और के कुछ हिस्सों में पूजे जाने वाले एक अत्यंत प्रतिष्ठित और लोक-प्रसिद्ध नाग देवता हैं।​उत्तराखंड की संस्कृति में नाग पूजा का बहुत महत्व है, और चंदनी नाग देवता को स्थानीय लोक चेतना में एक जागृत और न्यायकारी देवता के रूप में माना जाता है।​बोल्या/बौलिया: स्थानीय गढ़वाली भाषा में इसका संबंध 'बोलने' या 'जागृत' होने से माना जाता है। मान्यता है कि ये देवता अपने भक्तों की पुकार बहुत जल्दी सुनते हैं और संकट के समय सीधे या किसी माध्यम (पश्वा) से "बोलकर" मार्गदर्शन या न्याय करते हैं।​चंदनी: इन्हें 'चांदनी' या 'चन्द्रवंशी' नाग के रूप में भी देखा जाता है, जो अपनी शीतलता, भव्यता और दिव्य आभा के लिए जाने जाते हैं।

12/05/2026
12/05/2026

आज भेंटी ​ से जलुडी यात्रा दिनाक 12 मई 2026बोल्या राजा जलुडी अत्यंत हर्ष का विषय है कि भेटी ग्राम में मन्दिर नवनिर्माण का कार्य आप सभी ग्राम वासियों के के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस पुनीत कार्य में समस्त ग्रामवासियों ने जिस प्रकार तन, मन और धन से अपना योगदान दिया है, वह सराहनीय है।
​आपकी श्रद्धा और एकजुटता ने ही इस संकल्प को सिद्ध किया है। इस निस्वार्थ सेवा के लिए समस्त मंदिर समिति आप सभी का हृदय से आभार प्रकट करती है।
​भगवान आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। देवता को भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है। "बोल्या" शब्द का स्थानीय अर्थ होता है "बोलने वाला" या "न्याय करने वाला"। श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि यहाँ देवता साक्षात रूप में भक्तों की पुकार सुनते हैं।इन्हें क्षेत्र का रक्षक और न्यायकारी देवता माना जाता है। स्थानीय लोग अपनी समस्याओं और विवादों के समाधान के लिए देवता की शरण में जाते हैं।​यहाँ समय-समय पर देव-नृत्य और भव्य मेलों का आयोजन होता है, जिसमें बोल्या देवता की डोली निकाली जाती है। इन आयोजनों में दूर-दूर से लोग और इस क्षेत्र की बेटियाँ (ध्याणियाँ) विशेष रूप से सम्मिलित होती हैं। सब पर प्रभु का आशीर्वाद बना रहे भट्ट फोटो स्टूडियो बिनक खाल 9837449032 आदर्श टीवी

आज भेंटी ​ यात्रा दिनाक 12 मई 2026बोल्या राजा जलुडी बोल्या देवता को भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है। "बोल्या" शब्द क...
12/05/2026

आज भेंटी ​ यात्रा दिनाक 12 मई 2026बोल्या राजा जलुडी बोल्या देवता को भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है। "बोल्या" शब्द का स्थानीय अर्थ होता है "बोलने वाला" या "न्याय करने वाला"। श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि यहाँ देवता साक्षात रूप में भक्तों की पुकार सुनते हैं।इन्हें क्षेत्र का रक्षक और न्यायकारी देवता माना जाता है। स्थानीय लोग अपनी समस्याओं और विवादों के समाधान के लिए देवता की शरण में जाते हैं।​यहाँ समय-समय पर देव-नृत्य और भव्य मेलों का आयोजन होता है, जिसमें बोल्या देवता की डोली निकाली जाती है। इन आयोजनों में दूर-दूर से लोग और इस क्षेत्र की बेटियाँ (ध्याणियाँ) विशेष रूप से सम्मिलित होती हैं। सब पर प्रभु का आशीर्वाद बना रहे भट्ट फोटो स्टूडियो बिनक खाल 9837449032

Address

Ghansali

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Adarsh tv आदर्श टीवी posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share