18/05/2026
समाज के विरुद्ध साजिश और षड्यंत्र..
गुर्जर समाज के बीच एक पीड़ा अक्सर सुनने को मिलती थी कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुर्जर समाज को वह हिस्सेदारी और रुतबा नहीं मिल पाया है जिसका वह हकदार है ।
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश हरियाणा दिल्ली उत्तराखंड राजस्थान आदि राज्यों में जहां सरकारों में गुर्जरों के पास बड़े-बड़े पोर्टफोलियो होते थे कई कई बार इन राज्यों में गुर्जर उपमुख्यमंत्री के पद पर भी रहे, प्रदेश अध्यक्ष समेत संगठन के ऊंचे पदों पर भी समाज के नेता आसीन रहे लेकिन अब उपरोक्त में से किसी भी प्रदेश में गुर्जर समाज का कोई एक कैबिनेट मंत्री भी नहीं है और इसके मूल में केवल वही BJP पार्टी है जो बहकाकर बरगलाकर समाज की वोट ले लेती है,
आज किसी भी राजनीतिक पार्टी में हमारा कोई ऐसा नेता नहीं है जो सीधे हाई कमान तक पकड़ रखता हो और अपने समाज की मांग मजबूती के साथ रख सके । राजकुमार भाटी ने ये दोनों कमियां पूरी की हैं । पिछले एक वर्ष में पार्टी में भी और राजनीतिक परिदृश्य में भी उनका कद तेजी के साथ बड़ा है और वे ध्रुव तारे की तरह चमके हैं । दादरी में विशाल गुर्जर रैली करके उन्होंने गुर्जर समाज की ताकत का शानदार प्रदर्शन किया है और उसके बाद से पूरे देश की राजनीति में गुर्जर समाज की चर्चा है ।
दादरी रैली के बाद से ही बहुत लोग आशंका जाहिर कर रहे थे कि सामंतवादी, मनुवादीऔर गुर्जर समाज के विरोधी राजकुमार भाटी को घेरने के लिए कोई षड्यंत्र करेंगे । अब जाकर उन्हें मौका मिला है । ब्राह्मण संबंधी दोहे पर जिसे किसी गलत मंशा से नहीं कहा गया था केवल ब्राह्मण विरोध नहीं कर रहे हैं गुर्जर समाज के भी कुछ लोग विरोध में शामिल हो गए हैं जिन्हें राजकुमार भाटी से व्यक्तिगत ईर्ष्या है । ये लोग समझ ही नहीं पा रहे हैं कि व्यक्तिगत खुन्नस में आप समाज का कितना बड़ा नुकसान कर रहे हैं ।
ऐसे ही कुछ लोगों ने अब दूसरे विवाद को तूल देना शुरू कर दिया है कि अनेक पति का किस्सा सुना कर राजकुमार भाटी ने गुर्जर और जाट समाज की महिलाओं का अपमान किया है । राजकुमार भाटी तो गुर्जर जाट एकता की बात कर रहे थे और इन दोनों समाजों को महाभारत से जोड़ रहे थे । बहुपति का जिक्र केवल उन्होंने द्रोपदी के संबंध में किया था ।
क्या उन्होंने यह कहा था कि गुर्जर और जाट समाज में हर महिला के कई-कई पति होते हैं ? बिल्कुल नहीं कहा था । ना उन्होंने यह कहा था कि वर्तमान में यह परंपरा है । वे केवल महाभारत की बात कर रहे थे ।
और महाभारत उन्होंने नहीं लिखी !
सम्मानित साथियों हमें जल्दबाजी में अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने का काम नहीं करना चाहिए ।
बात को ठीक से समझना चाहिए जो समझदार और बुद्धिजीवी समाज होते हैं वे अपने किसी व्यक्ति की गलती को भी छुपाने का काम करते हैं । और जो नासमझ होते हैं वह अपने शानदार व्यक्ति को भी घेरने में लग जाते हैं ।
राजकुमार भाटी आज के दौर में गुर्जर ही नहीं समस्त PDA की बुलंद आवाज है..
कहीं अनजाने में हम भी ऐसी ही गलती तो नहीं कर रहे हैं ???
Rajkumar Bhati
Ravindra Gujjar