25/07/2026
हर बेटी अपने घर से सपने लेकर निकलती है, डर लेकर नहीं। उसकी गरिमा, सम्मान और सुरक्षा किसी का उपकार नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया उसका मूल अधिकार है। एक बेटी का सम्मान पूरे देश का सम्मान है, और उसकी गरिमा पर हर हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत पर हमला है। न्याय में हर देरी अन्याय को ताक़त देती है। इसलिए हर बेटी की सुरक्षा और सम्मान के लिए समय पर, निष्पक्ष और कठोर न्याय आवश्यक है।