13/03/2024
[13/03, 10:45] Roop: ये निर्भया के भाई की पुरानी तस्वीर है,अमन परिवर्तित नाम है.अब इंडिगो में पायलट है.जब यह भयावह और हृदयविदारक हादसा हुआ निर्भया का परिवार मानसिक तौर पर बुरी तरह टूट गया.लोग सड़कों पर निकले.राजनीति हुई,नया क़ानून बना.कुछ दिन बाद सब भूल गए.कांग्रेस की सत्ता भी चली गई.
राहुल गांधी इस घटना से द्रवित हुए उन्होंने चुपचाप इस परिवार से संपर्क साधा और घर के सभी सदस्यों को हिम्मत दिया. निर्भया का 19 वर्षीय भाई जो 12वीं कक्षा में पढता था उसे राहुल गाँधी ने पायलट ट्रेनिंग के लिए इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, रायबरेली में दाखिला दिलवाया.उनसे मिले ,सहारा दिया और लगातार फ़ोन पर बात करते रहें साथ ही एक निश्चित राशि हर माह उन्हें भिजवाते रहें.आज अमन इंडिगो में पायलट है
[13/03, 10:46] Roop: राहुल यह बात किसी से भी कहने को मना किया पर निर्भया की माँ ने एक दिन कह ही दिया उनके परिवार को राहुल गांधी ने किस तरह सम्हाला.यही नहीं निर्भया के पिता बी एन सिंह जो कि इंदिरा गाँधी एअरपोर्ट पर एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे उन्हें भी एक स्थायी नौकरी दिलवाने में राहुल गाँधी ने मदद की. वर्तमान में वह टर्मिनल 3 में पोस्टेड हैं.
यह बात देश के लोग जानते नहीँ है क्योंकि गांधी परिवार यह दिखावे के लिए नहीं करता.दूसरों के लिए दर्द उनके दिल में है.राजीव गांधी ने अटल बिहारी बाजपेयी का विदेश में इलाज करवाया यह बात भी छूपी रहती अगर खुद अटल जी एक दिन यह कहते हुए भावुक न होते.वर्तमान में देश के युवाओ को यही पता है कि एक अब्बास है,जो ऑस्ट्रेलिया में रहते है.मोदी के यार हैं और उनकी माँ उनके लिए सेवइयां बनाते थे.
आप ये जान लीजिए राहुल गांधी आज देश जोड़ने जरूर सड़कों पर निकले हैं पर देश जोड़ने की बात उनके दिल में दशकों से है.राहुल जैसा बनना देश में किसी भी नेता के लिए असंभव है.वे नेहरू हैं,वे राजीव हैं वे ही इंदिरा हैं.❤️❤️