20/09/2025
“Landline का हवाला देना सिर्फ़ दिखावा है, क्योंकि स्कूलों में ज़्यादातर जगह वो चलते ही नहीं। Emergency के लिए तो पहले से ही व्यवस्था बनी हुई है — students और teachers अपने फोन स्कूल के help desk/office में जमा करते हैं। ज़रूरत पड़ने पर वहीं से call करवाया जा सकता है।
आजकल किसी को phone number याद भी नहीं होते, ऐसे में mobile पूरी तरह बैन करने की बजाय practical solution यही है कि control system बनाया जाए, ना कि फ़ालतू के ड्रामे। 🚫📱➡️📞✅”