11/01/2026
मदर टेरेसा: एक महान मानवतावादी
मदर टेरेसा एक महान मानवतावादी थीं जिन्होंने अपना जीवन गरीबों और असहायों की सेवा में समर्पित कर दिया। उनका जन्म 27 अगस्त, 1910 को युगोस्लाविया में हुआ था और उन्होंने अपना अधिकांश जीवन भारत में बिताया।
मदर टेरेसा का वास्तविक नाम अगनेस गोंझा बोयाजिजू था। उन्होंने 18 साल की उम्र में लोरेटो बहनों के साथ रहने के लिए घर छोड़ दिया और ईसाई धर्म प्रचारक बनने की राह में चल पड़ी। उन्होंने भारत में बच्चों को पढ़ाने के लिए इंग्लिश भाषा का उपयोग किया और बंगाली सीखी।
मदर टेरेसा ने 1950 में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की, जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो गरीबों, असहायों और रोगियों की सेवा करता है। उन्होंने अपने जीवन में कई पुरस्कार प्राप्त किए, जिनमें नोबेल शांति पुरस्कार और भारत रत्न शामिल हैं।
मदर टेरेसा की मृत्यु 5 सितंबर, 1997 को हुई थी, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है। उनकी कहानी हमें सेवा, प्यार और दया के महत्व के बारे में सिखाती है।
मदर टेरेसा के कुछ प्रमुख कार्य:
- मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना
- गरीबों और असहायों की सेवा
- एचआईवी/एड्स, कुष्ठ और तपेदिक के रोगियों के लिए धर्मशालाएं/ घर
- सूप, रसोई, बच्चों और परिवार के लिए परामर्श कार्यक्रम, अनाथालय और विद्यालय
मदर टेरेसा के पुरस्कार:
- नोबेल शांति पुरस्कार (1979)
- भारत रत्न (1980)
- पद्म श्री (1962)
- आईर ओफ द ब्रिटिश इम्पायर (1988)
मदर टेरेसा की कहानी हमें प्रेरित करती है कि हम अपने जीवन को दूसरों की सेवा में समर्पित करें और प्यार और दया के महत्व को समझें।