26/10/2023
बात जब मैं करू मुझे रोक देती है क्यों तेरी मीठी नज़र मुझे टोक देती है क्यों तेरी हया, तेरी शर्म तेरी कसम मेरे होंठ सिये जाए शाम मस्तानी मदहोश किये जाए मुझे डोर कोई खींचे तेरी और लिए जाए
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