24/02/2021
भारत कि धरती के अनेक रंग सबसे प्यारा रंग कृष्ण का है जो चढ़ा तो उतरता नहीं ओर प्रगाढ़ होता जाता है।
सब जग होरी, या बृज होरी.
बृज की होली के बारे में यह एक प्रसिद्ध कहावत है और सटीक भी है क्योंकि जहां देश भर में होली अधिकतम 3 दिन तक तक मनाई जाती है वहीं बृज क्षेत्र में इस त्यौहार के रंग महीने भर तक उड़ते हैं। बृज श्री कृष्ण और राधा की लीला नगरी है इसलिए यहां के स्थानों से लेकर पर्वों तक के भाव उन्हीं से जुड़े हुए हैं, होली भी इसी क्रम में शामिल है।
माना जाता है कि कृष्ण राधा और उनकी गोपियों के साथ होली खेलने के लिए अपने ग्वालों के साथ नंदगांव से बरसाना आया करते थे और गोपियां उन्हें लाठियों से मारा करती थीं। तभी से यह एक रस्म बन गई। आज भी हुरियार नंदगांव से बरसाना होली खेलने जाते हैं और गोपियां उन्हें लाठी मारती हैं, इससे यह होली लट्ठमार के नाम से प्रसिद्ध हो गई। बृज में होली के सुंदर गीत फ़ाग भी गाए जाते हैं, यह बृजभाषा में होते हैं।
नंदगांव के हुरियार यूं ही होली खेलने बरसाना नहीं पहुंच जाते, उनके लिए विधि-विधान से लट्ठमार होली खेलने का निमंत्रण जाता है और हुरियार अपने ढाल लेकर होली खेलने पहुंच जाते हैं। इसके साथ ही बरसाने की महिलाएं रंग घोलकर, लट्ठ लेकर अपनी पूरी तैयारी रखती हैं। इस होली में प्रयुक्त लट्ठ से किसी को चोट न लगे इसका भी विशेष ध्यान रखा जाता है। कुछ इसी तरह से गोपियां भी कृष्ण को रंग लगाने के लिए विभिन्न उपक्रम करती हैं।
बृज में सिर्फ अबीर और गुलाल की होली ही नहीं होती बल्कि यहां फूलों और लड्डू की होली भी होती है। इस क्षेत्र में बहुत से मंदिर हैं और यहां पर अनेक प्रकार के फूलों को भक्तों पर उड़ाया जाता है।
कृष्ण की जन्मभूमि और कार्यस्थली होने के कारण यहां उनके लिए एक विशेष प्रेम है। वह उनके आराध्य भी हैं और सखा भी, यहां लड्डू गोपाल के रूप में जो पूजा की जाती है वह कृष्ण को बालक मानकर की जाती है। अपने आराध्य से इस प्रकार की सहज संबंध अति विशिष्ट है।
Lathmar Holi 2021 Dates:
Lathmar Holi will take place around on 23rd March in Barsana and on 24th March in Nandgaon in 2021.
How To Reach ?
The nearest Railway Station is Mathura, located at a distance of 12kms from Nandgaon and the nearest Airport is in Delhi (142kms). There are also state buses and taxis available from the nearby cities.