29/05/2026
पूर्व MLA सहीराम धारणिया को मरणोपरांत ‘बिश्नोई रत्न’, CM नायब सिंह सैनी ने अस्पताल उनके नाम पर रखने की घोषणा की
हरियाणा के सबसे बुजुर्ग पूर्व विधायक सहीराम धारणिया की स्मृति में शुक्रवार (29 मई) को सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव सकता खेड़ा में शोक सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने उन्हें मरणोपरांत ‘बिश्नोई रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं यह सम्मान प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गांव में बनने वाले अस्पताल का नाम स्व. सहीराम धारणिया के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि धारणिया का जीवन समाज सेवा और प्रेरणा का प्रतीक रहा है और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।
शोक सभा में बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, राजस्थान भाजपा उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई, मंत्री केके बिश्नोई, पंजाब के विधायक जगदीश कंबोज गोल्डी, अभिमन्यु पूनिया सहित कई जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
परिवार की ओर से अंतिम संस्कार के समय राजकीय सम्मान न मिलने पर नाराजगी जताई गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री स्वयं कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान हिसार रेंज के आईजी कुलदीप सिंह और नगर आयुक्त सुरेंद्र सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
देशभर से बिश्नोई समाज के लोग, नेता, विधायक और पूर्व विधायक श्रद्धांजलि देने पहुंचे। हालांकि, निमंत्रण के बावजूद पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि वे विधानसभा में भी सहीराम धारणिया को सम्मानित करना चाहते थे, लेकिन अब वे हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनके विचार और प्रेरणा हमेशा समाज को दिशा देते रहेंगे।
परिवार की ओर से जारी संदेश में उनके 104 वर्ष के संघर्षपूर्ण जीवन, समाज सेवा और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व को याद करते हुए लोगों से श्रद्धांजलि देने की अपील की गई। उन्हें ‘बिश्नोई रत्न’ से सम्मानित किया जाना समाज के लिए गर्व की बात बताया गया।