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हिसार: भजनलाल की 15वीं पुण्यतिथि पर बिश्नोई मंदिर में वितरित किया गया हलवे का प्रसादहिसार। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ...
04/06/2026

हिसार: भजनलाल की 15वीं पुण्यतिथि पर बिश्नोई मंदिर में वितरित किया गया हलवे का प्रसाद

हिसार। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जननायक स्वर्गीय चौधरी भजनलाल की 15वीं पुण्यतिथि पर बिश्नोई सभा हिसार द्वारा बिश्नोई मंदिर के मुख्य द्वार पर राहगीरों को देशी घी के हलवे का प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर सभा के प्रधान जगदीश चंद्र बिश्नोई ने कहा कि स्व. भजनलाल सभी वर्गों के बीच लोकप्रिय नेता थे और उन्होंने हमेशा समाज के हर वर्ग के लोगों के सुख-दुख में भागीदारी निभाई। उन्होंने कहा कि ऐसे जननेता विरले ही होते हैं, जो लंबे समय तक लोगों के दिलों में अपनी पहचान बनाए रखते हैं।
कार्यक्रम में बिश्नोई सभा हिसार के अध्यक्ष जगदीश चंद्र कड़वासरा, उपाध्यक्ष आत्माराम जाजूदा, नरसिंह ज्यानी, जगदीश गोदारा, रजनीश कुमार साहू सहित अन्य सदस्य और श्री गुरु जम्भेश्वर छात्रावास के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आदमपुर पहुंचकर चौ. भजनलाल बिश्नोई को पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की
03/06/2026

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03/06/2026

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फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर बढ़ते विवाद के बीच प्रोड्यूसर अमित जानी ने सलमान खान की लीगल टीम द्वारा भेजे गए नोटिस पर प्रति...
03/06/2026

फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर बढ़ते विवाद के बीच प्रोड्यूसर अमित जानी ने सलमान खान की लीगल टीम द्वारा भेजे गए नोटिस पर प्रतिक्रिया दी है। अमित जानी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में स्पष्ट कहा कि यह फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है और न ही पूरी कहानी उनके नजरिए पर आधारित है। उनका कहना है कि नोटिस के जरिए फिल्म की रिलीज और 20 जून को प्रस्तावित टीजर को रोकने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
अमित जानी ने यह भी बताया कि ‘काला हिरण’ फिल्म बिश्नोई समाज के संघर्ष, उनकी विरासत और वन्यजीवों के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सलमान खान इस कहानी का केवल एक हिस्सा हैं, पूरी फिल्म उनसे जुड़ी नहीं है। दूसरी ओर, सलमान खान की लीगल टीम का दावा है कि फिल्म उनके 1998 के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है और उनके व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। इसी आधार पर फिल्म के प्रोडक्शन और प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग की गई है।
गौरतलब है कि ‘काला हिरण’ फिल्म का पोस्टर हाल ही में जारी किया गया था और इसका टीजर 20 जून को रिलीज होना प्रस्तावित है। यह मामला 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार केस से जुड़ा है, जिसमें सलमान खान को 2018 में सजा सुनाई गई थी और फिलहाल यह मामला राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है, जिसकी अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को निर्धारित है।

बिश्नोई रत्न चौधरी भजनलाल बिश्नोई को पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि
03/06/2026

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03/06/2026

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सिरसा: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सकताखेड़ा पहुंचकर पूर्व विधायक चौ. सहीराम बिश्नोई को दी श्रद्धांजलि, अस्पताल के नामकरण क...
29/05/2026

सिरसा: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सकताखेड़ा पहुंचकर पूर्व विधायक चौ. सहीराम बिश्नोई को दी श्रद्धांजलि, अस्पताल के नामकरण की घोषणा

सिरसा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को जिला सिरसा के गांव सकताखेड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने हिंदी आंदोलन सेनानी एवं संयुक्त पंजाब के अबोहर क्षेत्र से पूर्व विधायक स्वर्गीय चौधरी सहीराम बिश्नोई की स्मृति सभा में भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि स्व. चौधरी सहीराम बिश्नोई एक महान जननेता थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति के लिए समर्पित किया।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि चौ. सहीराम बिश्नोई का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की मिसाल रहा है। उनके विचार और योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्व. चौधरी सहीराम बिश्नोई के सम्मान में एक अस्पताल का नाम उनके नाम पर रखने की घोषणा भी की।

पूर्व MLA सहीराम धारणिया को मरणोपरांत ‘बिश्नोई रत्न’, CM नायब सिंह सैनी ने अस्पताल उनके नाम पर रखने की घोषणा कीहरियाणा क...
29/05/2026

पूर्व MLA सहीराम धारणिया को मरणोपरांत ‘बिश्नोई रत्न’, CM नायब सिंह सैनी ने अस्पताल उनके नाम पर रखने की घोषणा की

हरियाणा के सबसे बुजुर्ग पूर्व विधायक सहीराम धारणिया की स्मृति में शुक्रवार (29 मई) को सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव सकता खेड़ा में शोक सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने उन्हें मरणोपरांत ‘बिश्नोई रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं यह सम्मान प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गांव में बनने वाले अस्पताल का नाम स्व. सहीराम धारणिया के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि धारणिया का जीवन समाज सेवा और प्रेरणा का प्रतीक रहा है और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।
शोक सभा में बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, राजस्थान भाजपा उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई, मंत्री केके बिश्नोई, पंजाब के विधायक जगदीश कंबोज गोल्डी, अभिमन्यु पूनिया सहित कई जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
परिवार की ओर से अंतिम संस्कार के समय राजकीय सम्मान न मिलने पर नाराजगी जताई गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री स्वयं कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान हिसार रेंज के आईजी कुलदीप सिंह और नगर आयुक्त सुरेंद्र सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
देशभर से बिश्नोई समाज के लोग, नेता, विधायक और पूर्व विधायक श्रद्धांजलि देने पहुंचे। हालांकि, निमंत्रण के बावजूद पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि वे विधानसभा में भी सहीराम धारणिया को सम्मानित करना चाहते थे, लेकिन अब वे हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनके विचार और प्रेरणा हमेशा समाज को दिशा देते रहेंगे।
परिवार की ओर से जारी संदेश में उनके 104 वर्ष के संघर्षपूर्ण जीवन, समाज सेवा और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व को याद करते हुए लोगों से श्रद्धांजलि देने की अपील की गई। उन्हें ‘बिश्नोई रत्न’ से सम्मानित किया जाना समाज के लिए गर्व की बात बताया गया।

जवाहर नगर पंचायत चुनाव में सलमा बिश्नोई ने बेहद कड़े मुकाबले में जीत हासिल कर सरपंच पद अपने नाम किया। रविवार को हुए मतदा...
10/05/2026

जवाहर नगर पंचायत चुनाव में सलमा बिश्नोई ने बेहद कड़े मुकाबले में जीत हासिल कर सरपंच पद अपने नाम किया। रविवार को हुए मतदान में सलमा ने अपनी प्रतिद्वंद्वी नीलम धधांधल को मात्र तीन वोटों के अंतर से हराया, जिससे चुनाव काफी रोमांचक बन गया।
रामदेव मंदिर स्कूल बूथ पर नीलम धधांधल को 725 वोट मिले, जबकि सलमा ज्याणी को 646 वोट प्राप्त हुए। वहीं, तारा देवी को 635 वोट मिले। हालांकि शांति निकेतन स्कूल बूथ पर सलमा ज्याणी ने शानदार बढ़त बनाते हुए 82 वोटों से बढ़त हासिल की, जिसने पूरे चुनाव का रुख बदल दिया। इसी बढ़त के चलते सलमा ज्याणी कुल मिलाकर तीन वोटों से विजयी घोषित हुईं।
इस जीत के साथ सलमा ज्याणी ने जवाहर नगर की नई सरपंच के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। उनकी यह जीत स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है, खासकर इतने कम अंतर से मिली जीत के कारण।

हिसार के पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई और उनके परिवार के व्यवहार से साफ झलक रहा है कि भाजपा के साथ मोहभंग का समय नजदीक आ रह...
10/05/2026

हिसार के पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई और उनके परिवार के व्यवहार से साफ झलक रहा है कि भाजपा के साथ मोहभंग का समय नजदीक आ रहा है। असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा की “ऐतिहासिक जीत” के बाद भी बिश्नोई परिवार की तरफ से किसी तरह की बधाई या खुशी का ऐलान न होना खुद एक राजनीतिक संकेत है। भव्य बिश्नोई के उस तरीके से संदेश भेजना जहां वे प्रत्याशियों को बधाई देते हैं, लेकिन पार्टी का नाम नहीं लेते, यह बताता है कि उनकी निष्ठा अब संगठन से ज्यादा व्यक्तिगत रिश्तों और लक्ष्यों से जुड़ी हो सकती है।
कुलदीप बिश्नोई के लिए अगला कदम वास्तव में राजनीतिक बाजार में एक बड़ा शॉकर साबित हो सकता है। अमेरिका से लौटकर वह जो पहले कदम उठाएंगे—चाहे वह भाजपा अंदर ही रहकर रेखा शर्मा विवाद को उठाना हो, अपनी पुरानी पार्टी हजकां को फिर से जोड़ना हो या दोबारा कांग्रेस की ओर लौटना—हर ऑप्शन राजनीतिक मैप पर नई लकीर खींच सकता है। लेकिन राजनीति में जहां एक ओर “निर्णय” का दबाव बढ़ता है, वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग के नियम, पुराने नेतृत्व और अपने वर्तमान समर्थकों की उम्मीदों का भी ख्याल रखना पड़ता है।
बिश्नोई परिवार के लिए यह निर्णय केवल दल बदलने से ज्यादा कुछ है—यह उनकी राजनीतिक पहचान को दोबारा तय करने का मौका है। अगर वे भाजपा छोड़ते हैं, तो उनकी उम्मीद यह होगी कि वह न सिर्फ विपक्ष के अग्रणी चेहरे बनें, बल्कि वह यह भी दिखाएँ कि राजनीति में इंसाफ, राज्यसभा विवाद और पारिवारिक प्रतिष्ठा के बीच टकराव में वह “सिद्धांत” के साथ खड़े हैं। इस दौर में जब बड़ी तस्वीर में सिर्फ जीत‑हार गिनी जाती है, तो बिश्नोई के लिए यह फैसला यह तय भी करेगा कि उन्हें आगे इतिहास किस तौर पर याद रखेगा—एक उपयोगी ऊंट के रूप में या एक निर्णयकर्ता नेता के रूप में।

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