20/12/2022
पत्थलगांव: आज दिनाँक 18 दिसंबर, 2022 को ईसाई आदिवासी महासभा के तत्वाधान में पहली बार पत्थलगांव क्षेत्र के सभी ईसाइयों का सामूहिक जलसा जतरा, Christmas Gathering का आयोजन प्रकाश स्कूल के खेल मैदान में किया गया। विभिन्न ईसाई समुदाय के लोगों ने बढ़चढ़ का कार्यक्रमों में भाग लिया। उनकी संख्या लगभग पांच हजार थी। नाच, गान, येसु के जन्म की घटना की झांकी, चरनी, संदेश, सांता क्लॉस, आदिवासी परिधान, भोजन, पकवान, इत्यादि ध्यान आकर्षण के केंद्र थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ बिशप ग्लासन मिंज के प्रार्थना, डाक्टर जेम्स मिंज के दीप प्रज्वलन, फादर सिलास कुजूर के चरनी आशीष और सामूहिक गाने के द्वारा हुआ। फादर याकूब कुजूर ने जलसा जतरा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह हमारे विश्वास का समारोह है, जो विश्वास में मजबूत होने का अवसर प्रदान है। चुनौतियों पर चिंतन करने और समाधान करने का मौका है। धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास के सामूहिक प्रयास को दिशा देना है। इसके बाद पत्थलगांव द्वारा येसु के जन्म की घटना का मनमोहक झांकी का मंचन किया गया।
बिशप ग्लैडसन मिंज ने अपने संदेश में इस पहल को मॉडल बताते हुए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज येसु के प्रेम, न्याय, सत्य, अहिंसा, स्वतंत्रता, क्षमा के संदेश को अपने जीवन में जीना है और दूसरों को ऐसा करने की प्रेरणा देना है। मुख्य अतिथि डाक्टर जेम्स मिंज ने संदेश दिया कि येसु, अपने पिता ईश्वर में एक थे उसी प्रकार हमें भी एक होना है। न केवल पिता ईश्वर में लेकिन आपस में भी। आपसी दूरियों को समाप्त कर विश्वास पर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होना अति आवश्यक है। जैसे दाखलता से डाली अलग हो कर फल नहीं दे सकती उसी प्रकार हम भी फलप्रद और विकसित अलग-अलग रहकर नहीं हो सकते। सतत प्रयास करना होगा हम एक प्रयास कर बैठ जाते हैं। मानवता की सेवा हेतु हम कल रक्तदान भी करेंगे और येसु जीवन देने आते हैं का संदेश रक्तदान के द्वारा संसार को देंगे।
फादर याकूब कुजूर (रीजनल सेक्रेटरी छ ग, सी सी बी आई, कॉमिसन फॉर माइग्रेंट्स तथा स्टेट कोऑर्डिनेटर MAIN=Migrants Assistance and Information Network) ने बताया कि आज अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस है। संयुक्त राष्ट्रसंघ की महासभा ने 18 दिसंबर 1990 को एक प्रस्ताव पारित किया कि प्रवासी और उसके परिवार के सदस्यों के अधिकारों की रक्षा हो। और 4 दिसंबर 2000 में संयुक्त राष्ट्रसंघ की महासभा ने 18 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस घोषित किया। रोमन कैथलिक कलीसिया सितम्बर माह के अंतिम रविवार को प्रवासी और शरणार्थी दिवस मानती है। उन्होंने प्रवासन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रकाश डाला और सुरक्षित प्रवासन हेतु ग्रामपंचायत या पल्लियों की पंजियों में नाम लिखवाने की सलाह दी।
सभा को विभिन्न चर्च के प्रमुखों/प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। मंच संचालन श्री जोसेफ कुजूर, श्री विलियम पन्ना और मिथलेश, समीर, रेशमा ने किया। जलसा जतरा में श्री रंजीत एक्का (सेवानिवृत डीएसपी) श्रीमती एस मिंज, डॉक्टर अनीता मिंज, श्री फिरन कुजूर, श्री निहरू लकड़ा, श्री रंजीत बड़ा, श्री राजाराम एक्का, फादर अमृत कुजूर, यूजिन टोप्पो, जस्टिन कुजूर, रॉबर्ट तिग्गा, फबियानुस खलखो, सुनील खलखो, सिलास टोप्पो, अनूप तिग्गा, संतोष तिग्गा, सुनील टोप्पो, दिलीप मिंज, विनोद कुजूर, अभय लकड़ा, अरविंद टोप्पो, रेवरेंड विमल किशोर मिंज, जैतून तिर्की, विनोद तिर्की, निमान बोलता, एलिसा बेक, करुणा करण, सियाराम लकड़ा, जीतन यादव, विलियम पन्ना, बिलचुस ब्रदर, सिझिरदन तिग्गा, समिति के सदस्य श्री सुरेन्द्र तिर्की, श्रीमती क्रेसेंसिया बेक, श्री देवनिस मिंज, श्री शीलसय टोप्पो, श्रीमती सरोज बड़ा, मेरी तिर्की, ग्लोरिया, रजनी तिग्गा, अपोलीना केरकेट्टा, भलेरिया, आदि हर चर्च के प्रमुख जन उपस्थित थे। जलसा जतरा को सफल बनाने में सभी के प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष सहयोग के लिए ईसाई आदिवासी महासभा, पत्थलगांव ईकाई के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र तिर्की ने साधुवाद कहा।
(याकूब कुजूर)