05/06/2026
बात-बात पर ₹200 की फीस का ढिंढोरा पीटने वाले खान सर, आप जारा बता सकते हैं मूंझे 👇
एक घंटे की क्लास में आप हज़ारों बच्चों को कितना टाइम देते होंगे एक साथ बिठाकर पढ़ाते समय इस हिसाब से आप प्रति छात्र 5 सेकंड का समय भी नहीं देते। ₹200 की सस्ती फीस का गुणगान रोज़ चिल्ला-चिल्लाकर करते हैं, लेकिन यह क्यों छुपा जाते हैं कि 'एवरेज अटेंशन टाइम' के मामले में आप देश के सबसे महंगे टीचर साबित हो रहे हैं?
आपके क्लासरूम से पढ़कर जो गिने-चुने बच्चे पास होते हैं, वह उनकी अपनी दिन-रात की मेहनत और काबिलियत है। लेकिन पोस्टर पर चमकती हुई तस्वीरें आपकी होती हैं। फेल होने वाले लाखों बच्चों की नाकामी की जिम्मेदारी कौन लेगा?
सस्ती फीस के नाम पर हज़ारों की भीड़ को 'वन-वे' लेक्चर देना शिक्षा नहीं, बल्कि मास-स्केल का बिजनेस मॉडल है। मीडिया से तिलमिलाने के बजाय कभी इस गंभीर हकीकत पर भी गंभीरता से सोचना होगा