16/09/2024
एक वक्त था जब गांव के सब लोग बस में बैठकर बाजार जाया करते थे सड़क पर चलती बस जब अपना खास हार्न बजाती तो घरों में पता चलता कि पहला टाइम गुजर रहा है।
किसी को अपने यहां मेहमान आने की जानकारी होती और किसी को अपने घर बैठे मेहमान को रावाना करने की फिक्र होती,
और फिर वक्त बदल गया.
रोड बदल गए. लोग बदल गए.. मोहब्बतें बदल गई.. बसें बदल गई.. साइकिल ठिकाने लग गई.. पेड़ कट गए.. चिड़िया उड़ गई..
चहचहाट थम गई पैदल वाले रास्तों पर घास उग गई. और फिर गांव के लोग आपस में बेगाने हो गए. एक दूसरे की परवाह खत्म हो गई.. और इस तरह एक हसीन जमाने का इख़्तेमाम हो गया