आज से 21 वर्ष पहले सन 1999 में, वडोदरा रेस कोर्स रोड पर आयी हरी भक्ति सोसायटी के गरबा ग्राउंड से VNM गरबा क्वीन स्पर्धा की शुरुआत हुई थी, और पहली गरबा क्वीन बनी थी उलपा देसाई (1999 ) आज भी VNM गरबा क्वीन स्पर्धा की परम्परा जारी है।
VNM गरबा क्वीन जो अब गरबा क्वीन के साथ 2016 से VNM गरबा प्रिंस भी जोड़ दिया गया । इस स्पर्धा में वडोदरा के लगभग सभी गरबा ग्राउंड से गरबा प्लेयर्स को चुना जाता है और नवरात्री के नो दिनों बाद VNM गरबा क्वीन का आयोजन किया जाता है इस स्पर्धा में लगभग 500 जितने सिलेक्टेड गरबा प्लेयर्स होते है जो अलग अलग केटेगरी में उम्र के हिसाब से विभाजित होतें हैं। 500 स्पर्धकों में से 60 गरबा प्लेयर्स विजेताओं को अवार्ड से सम्मानित किया जाता है जिसमें एक क्वीन, एक प्रिंस , 21 प्रथम - द्वितीय - तृतीय , और ४० आश्वासन इनामों का समावेश होता है ।
2 - संगीता चौकसी वर्ष 2000
3 - अज्ञात वर्ष 2001
4 - कृपा जोशी वर्ष 2002
5 - धृति जोशी वर्ष 2003
6 - मेघना विश्नाथन वर्ष 2004
7 - श्वेता शाह वर्ष 2005
8 - मानसी दवे वर्ष 2006
9 - नेहा लुहार वर्ष 2007
10- सपना सोनी वर्ष 2008
11- मानसी आचार्य वर्ष 2009
12- हिनल चौहान वर्ष 2010
13- मानसी गोरडिया वर्ष 2011
14- दर्शना मकवाना वर्ष 2012
15- धारिणी सोमानी वर्ष 2013
16- गरेसा देसाई वर्ष 2014
17- उल्पी व्यास वर्ष 2015
18- सलोनी पटेल वर्ष 2016
19- अनंदिता देसाई वर्ष 2017
20- समहिता वैद्य वर्ष 2018
VNM गरबा प्रिंस
01 - पार्थ राठोड वर्ष 2016
02 - हर्ष पंचाल वर्ष 2017
03 - राकेश कुमार वंज़ारा वर्ष 2018
The Garba that symbolizes the Folk Culture of Gujarat is the cherished heritage of Gujarat. And talking about Garba of Vadodara, it is world famous with a significant cultural value. Vadodara is the only city in Gujarat which has maintained the true essence of garba in spite of all kinds of influences possible!"
Every year VNM TV organizes its “VNM GARBA QUEEN COMPETITION” with the sole aim of enhancing & encouraging children/youth towards our original/traditional garba steps/dresses & its essence which is seen empowered by modernity & DJ presently.